:
Breaking News

Bihar Education Department: बाढ़ से पहले शिक्षा विभाग अलर्ट, सभी DEO को स्कूलों की सुरक्षा और वैकल्पिक पढ़ाई की तैयारी के निर्देश

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar: बिहार में संभावित बाढ़ को देखते हुए शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी किए हैं। बाढ़ प्रभावित स्कूलों की पहचान, अभिलेखों की सुरक्षा, वैकल्पिक शिक्षण केंद्र, राहत शिविरों में पढ़ाई और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।

पटना, 12 जुलाई। आलम की खबर: बिहार में संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है। विभाग ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीईओ) को आदेश जारी कर ऐसे विद्यालयों की पहचान करने को कहा है, जहां हर वर्ष बाढ़ का खतरा रहता है। साथ ही निर्देश दिया गया है कि आपदा आने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई, सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं पर किसी प्रकार का असर न पड़े।

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ संभावित विद्यालयों में रखे महत्वपूर्ण अभिलेख, कंप्यूटर, शिक्षण सामग्री, प्रयोगशाला उपकरण और अन्य जरूरी संसाधनों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए। इसका उद्देश्य बाढ़ के दौरान शैक्षणिक संसाधनों को नुकसान से बचाना है।

विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि जिन विद्यालयों में राहत शिविर बनाए जाने की संभावना है, वहां पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए पहले से वैकल्पिक शिक्षण केंद्रों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। राहत शिविरों में रहने वाले बच्चों के लिए प्रतिदिन तीन से चार घंटे तक पढ़ाई, खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियां संचालित करने को कहा गया है, ताकि आपदा के बीच भी बच्चों का शैक्षणिक और मानसिक विकास जारी रह सके।

मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत सभी स्कूलों को विद्यार्थियों और अभिभावकों को बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी देने का निर्देश दिया गया है। बच्चों को डूबने से बचाव, सुरक्षित नाव यात्रा, आपदा के समय सतर्कता तथा किताबें और कॉपियां सुरक्षित रखने के उपायों के प्रति जागरूक करने पर भी विशेष जोर दिया गया है।

दिव्यांग विद्यार्थियों की सुरक्षा और विशेष सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। इसके अलावा राहत शिविरों में पौष्टिक भोजन, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई, हाथ धोने की आदत और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर बल दिया गया है। मध्याह्न भोजन योजना के संचालन के लिए पर्याप्त खाद्यान्न और गैस सिलेंडर उपलब्ध रखने तथा प्रत्येक विद्यालय में प्राथमिक उपचार किट अनिवार्य रूप से रखने के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षा विभाग का मानना है कि समय रहते की गई तैयारियां बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा को प्रभावित होने से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने और नियमित निगरानी करने को कहा है।

बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा दोनों प्राथमिकता

बाढ़ जैसी आपदाओं में केवल जनजीवन ही नहीं, बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। ऐसे समय में पहले से की गई तैयारी, वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी जागरूकता हजारों विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभा सकती है।

यह भी पढ़ें

बिहार में मानसून को लेकर नया अलर्ट

बिहार की नई टोल पॉलिसी लागू

बांकीपुर उपचुनाव की तैयारियां तेज

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *